जिस तरह से आज कल की लाइफ चल रही हैं उसके हिसाब से खान-पान और जीवनशैली में गड़बड़ी बढ़ रही है। इसी वजह से कई तरह की बीमारियाँ घेर रही हैं। जिनमे माइग्रेन भी एक हिस्सा माना जा रहा है। दरअसल माइग्रेन आमतौर पर सिरदर्द के रूप में होता है। इस बीमारी में सिर के एक तरफ के हिस्से में हमेशा तेज दर्द रहता है। इसके अलावा माइग्रेन के मरीज रोशनी या तेज आवाज से भी परेशान होने लगते हैं। वहीँ माइग्रेन की शुरुआत में इसके लक्षणों को पहचानकर अगर सही इलाज समय पर मिल जाये तो इंसान ठीक हो सकता है। बता दें माइग्रेन की बीमारी की कई स्टेजेस होती हैं। तो आज माइग्रेन के स्टेज के बारे में जानते हैं।
बता दें माइग्रेन को अधकपारी भी बोलते हैं। गंभीर रूप से माइग्रेन होने के बाद इस बीमारी का अटैक भी मरीजों में देखने को मिलता है। माइग्रेन अटैक के समय मरीज को सही देखभाल अगर न मिले तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक माइग्रेन बचपन, जवानी और बुढ़ापा किसी भी उम्र में हो सकता है। यह बीमारी चार चरणों या स्टेज में विकसित होती है- प्रोड्रोम, ऑरा, अटैक और पोस्ट-ड्रोम। वहीँ ये जरूरी नहीं है कि यह बीमारी हर मरीज में चार चरणों में ही हो।
आइये जानते हैं माइग्रेन के चार स्टेज के बारे में
प्रोड्रोम
प्रोडेम माइग्रेन का पहला स्टेज होता है। इस स्टेज में माइग्रेन अटैक के एक या दो दिन पहले से ही मरीज में कुछ बदलाव होने लगते हैं। ये बदलाव माइग्रेन अटैक की चेतावनी होती है। इस स्टेज में मरीज को कब्ज, मूड स्विंग, गर्दन में अकड़न रहना, बहुत ज्यादा प्यास लगना और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो जाती है।
ऑरा
ऑरा वह स्टेज होता है, जो माइग्रेन अटैक के पहले होता है। यह स्टेज माइग्रेन अटैक के कुछ समय पहले ही शुरू होता है और 20 मिनट से लेकर घंटों तक रहता है। इस स्थिति में मरीज को देखने में परेशानी, झटके, हाथ और पैर में पिन चुभने जैसी परेशानी होने लगती है।
अटैक
माइग्रेन अटैक आने या ट्रिगर होने की स्थिति को ही अटैक स्टेज कहते हैं। आमतौर पर यह 72 घंटों के लिए रहता है और मरीज की स्थिति के हिसाब से बार-बार होने का खतरा रहता है। यह स्टेज महीने में कभी कभार होता है। इसके दौरान तेज दर्द, धड़कन का अहसास, उल्टी और लाइट व ध्वनि से संवेदनशीलता रहती है।
पोस्ट-ड्रोम
माइग्रेन अटैक के बाद के चरण को पोस्ट-ड्रोम कहते हैं। अटैक के बाद इस स्टेज में मरीज थका महसूस करता है। उसे डर भी लगता है। हालांकि कुछ लोग इस स्टेज में उत्साहित भी महसूस कर सकते हैं। इस स्थिति में सिर हिलाने या मूवमेंट करने पर भी दर्द हो सकता है।
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस समस्या में आपको लाइफस्टाइल और खानपान को बदलने की जरूरत है। नींद की कमी के कारण भी मरीज की परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए डॉक्टर माइग्रेन की समस्या में लोगों को नींद का विशेष ध्यान रखने के लिए कहते हैं।
