केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की मां माधवी राजे सिंधिया का बुधवार को दिल्ली के एम्स में निधन हो गया है। बता दें कि पिछले कुछ महीने से उनका इलाज एम्स में चल रहा था। वह निमोनिया के साथ-साथ सेप्सिस से भी पीड़ित थीं और पिछले कुछ दिनों से वेंटिलेटर पर थीं। ऐसे में आइए निमोनिया और सेप्सिस के लक्षणों, कारणों और बचाव के बारे में जानते हैं।

क्या है सेप्सिस की बीमारी

सेप्सिस एक ऐसी खतरनाक बीमारी है जो तब होती है जब शरीर किसी संक्रमण के जवाब में अपने स्वयं के ऊतकों और अंगों को नुकसान पहुंचाता है। अगर समय पर सेप्सिस की बीमारी का इलाज नहीं कीय जाता है तो इससे मरीज को सेप्टिक शॉक, अंग विफलता और यहां तक ​​कि उसकी मृत्यु भी हो सकती है।

क्या है इसके लक्षण

ठंड लगना और बुखार

व्याकुलता या भटकाव

सांस लेने में दिक्कत होना

हाई और लो बीपी की समस्या होना

होंठ, उंगलियों और पैर की उंगलियों पर पसीना आना

पेशाब कम आना

चक्कर आना

सेप्सिस होने के कारण क्या है  

सेप्सिस की बीमारी किसी जीवाणु, वायरल, या फंगल संक्रमण की वजह से बन सकता है। आमतौर पर सेप्सिस से जुड़ी बीमारियों में श्वसन पथ यानि respiratory tract के संक्रमण, निमोनिया, पेट में संक्रमण, गुर्दे में संक्रमण और घाव या जलन आदि वजह शामिल है। इसके अलावा कई बार बढ़ती उम्र, बचपन, मधुमेह और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली की वजह से भी सेप्सिस की समस्या हो सकती है।

सेप्सिस होने पर ऐसे करें बचाव

सेप्सिस से बचाव के लिए फ्लू, निमोनिया और अन्य बीमारियों के खिलाफ खुद को टीका लगाएं। वहीं खरोंच और घावों को साफ करने और नियमित रूप से हाथ धोने और स्नान करने से आप उन संक्रमणों को रोकने में मदद मिल सकती है जो सेप्सिस में प्रगति कर सकते हैं। वहीं अगर आपको कोई संक्रमण है और उससे जुड़ा कोई भी लक्षण दिखाई देता है तो आप तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

जानें क्या है निमोनिया

निमोनिया तब होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, कवक, या अन्य रोगाणु फेफड़ों में प्रवेश करते हैं और एल्वियोली नामक वायु थैली में सूजन पैदा होती है। यह सूजन हवा की थैलियों को द्रव या मवाद से भरने का कारण बन सकती है जिससे ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती और सांस लेना मुश्किल हो जाता है। वहीं निमोनिया फेफड़ों का एक गंभीर संक्रमण है जो किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है लेकिन यह छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों में अधिक होता है।

निमोनिया के क्या है लक्षण

खांसी की समस्या होना

गले में बलगम या कफ बनना जो हरा, पीला या खूनी होता है

बुखार होना

पसीना आना और ठंड लगना

सांस लेने में कठिनाई होना

खांसने पर सीने में दर्द बढ़ना

थकान और कमजोरी महसूस होना इत्यादि

By tnm

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