आज कल के लाइफस्टाइल को देखते हुए बहुत से लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं। इस वजह से उन्हें हार्ट अटैक का खतरा भी हो रहा है। बता दें मोटापे को लेकर पुरुषों से ज्यादा महिलाएं इसकी चपेट में हैं। जो काफी चिंता का विषय है। वहीं, शोध में यह भी पता चला है कि पंजाब के चंडीगढ़ शहर की लगभग 44 परसेंट महिलाएं मोटापे से ग्रस्त हैं और जिन्हें कॉर्डियक वैस्कुलर डिजीज भी है। यह जानकारी इस शोध को करने वाली पीजीआई की हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम दहिया ने हाल ही में सेक्टर-10 स्थित एक होटल में महिलाओं में बढ़ते हृदय रोग संबंधी जागरूकता के लिए आयोजित कार्यक्रम में दी है।
दरअसल डॉ. नीलम ने बताया कि 2018 से 2020 के दौरान इलाज के लिए आई महिलाओं व उनके साथ आने वाली उनके घर की महिलाओं पर किए गए शोध में पता चला है कि उनमें से हर दूसरी महिला मोटापे का शिकार हुई है। वहीं, उनमें से 44 प्रतिशत में हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों के लक्षण भी मिले जिससे पता चलता है कि चंडीगढ़ जैसे शहर में भी महिलाएं अपनी सेहत को लेकर बेहद लापरवाह हैं। ऐसे में ये काफी चिंता का विषय बना हुआ है।
जागरूकता का आभाव
डॉ. नीलम ने बताया कि महिलाओं में बढ़ते हृदय रोग का मुख्य कारण जागरूकता की कमी पायी गयी है। मौजूदा समय में 50 प्रतिशत लोगों को हृदय संबंधी बीमारियों के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए पीजीआई के विशेषज्ञों ने पंजाब यूनिवर्सिटी व अन्य शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम प्रोग्राम रेडी कर लिए हैं। इसमें पीयू समेत अन्य संस्थानों के शिक्षिकाओं को हेल्थ एंबेसडर के रूप में नामित किया जाएगा। वे अपने क्षेत्र की महिलाओं को इस अभियान से जोड़कर हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता फैलाएंगी। ऐसा हर सेक्टर की कामकाजी महिलाओं को साथ लेकर किया जाएगा।
बचाव के लिए क्या करें
इन चीजों से बचाव के लिए खानपान पर ध्यान देने की बात पर जोर दिया है। प्रयास होना चाहिए कि प्रतिदिन के भोजन में तीन तरह के मौसमी फल और तीन तरह की मौसमी सब्जियां जरूर शामिल हों। वहीँ कुछ एक्सरसाइज भी जरुर होनी चाहिए। इसके आलावा योग भी किया जा सकता है।
प्रीवेंटिव क्लीनिक की योजना
डॉ. नीलम ने बताया कि पीजीआई जैसे संस्थान में हृदय रोग से जुड़ी गंभीर बीमारियों का तो इलाज किया जा रहा है। लेकिन अब हमारा प्रयास है कि जो अभी बीमार नहीं पड़े हैं उन्हें भी गंभीर बीमारी की चपेट से बचने के बारे में जानकारी दी जाए। इसके लिए प्रीवेंटिव क्लीनिक का भी प्रस्ताव तैयार किया गया है, जहां मरीजों के अलावा सामान्य लोग भी आकर अपने हृदय की सुरक्षा के उपाय जान पाएंगे।
लगातार बैठे रहना भी मोटापे का कारण
पीजीआई के फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन की डॉ. सौम्या ने बताया कि लगातार बैठे रहना भी मोटापे की वजह बनता है। ये धूम्रपान के खतरे से भी ज्यादा खतरनाक है। ऐसा करने वाले लोग हृदय रोग का भी शिकार हो रहे हैं।
